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ट्यूशन और शौक की क्लास के लिए फ़ीस रसीद
होम ट्यूटर और छोटी क्लास अक्सर बिना रसीद कैश या UPI में फ़ीस लेते हैं। रसीद में एक मिनट लगता है और झगड़े से बचाती है।
रसीद क्यों दें
- माता-पिता को ठीक पता रहता है कि कौन-से महीने जमा हैं।
- आपकी इनकम टैक्स रिटर्न के लिए आमदनी का रिकॉर्ड रहता है।
- यह प्रोफ़ेशनल लगती है और नए परिवारों का भरोसा बनाती है।
क्लास के लिए सेटअप
- इंस्टिट्यूट में अपना नाम या क्लास का नाम लिखें; एफ़िलिएशन न हो तो खाली छोड़ें।
- "क्लास / कोर्स" में विषय या लेवल (जैसे "Guitar – Grade 2") और "सेक्शन / बैच" में बैच का समय लिखें।
- ज़्यादातर क्लास के लिए एक फ़ीस हेड काफ़ी है: "महीने की फ़ीस"। "रजिस्ट्रेशन फ़ीस" या "मटीरियल" तभी जोड़ें जब लिया जाए।
- GSTIN न हो तो "GST रजिस्टर्ड नहीं" चुनें।
GST कब शुरू होता है?
ट्यूशन और शौक की क्लास टैक्स वाली सर्विस हैं। वित्त वर्ष में आपकी कुल फ़ीस ₹20 लाख (कुछ स्पेशल कैटेगरी राज्यों में ₹10 लाख) पार होते ही रजिस्ट्रेशन ज़रूरी हो जाता है। रजिस्ट्रेशन के बाद 18% लें और अपने GSTIN वाली रसीद दें।
कैश और UPI
हर रसीद पर तरीका चुनें। UPI भुगतान का बैंक में रिकॉर्ड रहता है; कैश नियमित जमा करें ताकि आपका बैंक स्टेटमेंट आपकी रसीदों से मिले।
यह पेज सामान्य स्थिति बताता है। अपने टैक्स और रजिस्ट्रेशन के सवालों के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट से पूछें।
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