फ़ीस रसीद › फ़ीस पर GST
स्कूल फ़ीस और कोचिंग फ़ीस पर GST
GST लगेगा या नहीं, यह इस पर निर्भर है कि क्या पढ़ाया जाता है और कौन पढ़ाता है।
स्कूल: छूट
शिक्षा संस्थान की अपने स्टूडेंट्स को दी गई सर्विस GST से छूट में है, जब शिक्षा हो:
- प्री-स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल या उसके बराबर तक की शिक्षा,
- कानून से मान्य योग्यता पाने के पाठ्यक्रम का हिस्सा, या
- मान्य वोकेशनल शिक्षा कोर्स।
यह Notification 12/2017-Central Tax (Rate) की एंट्री 66 से है। स्कूल अपने स्टूडेंट्स से जो ट्यूशन, एडमिशन और परीक्षा फ़ीस लेता है, वो इसमें आती है। दूसरे चार्ज (यूनिफ़ॉर्म या किताबों की बिक्री, हॉस्टल, इवेंट) कैसे माने जाते हैं, अपने अकाउंटेंट से पूछें।
मेकर में "छूट: हायर सेकेंडरी तक स्कूल की पढ़ाई" चुनें। रसीद पर लाइन छपती है कि शिक्षा सर्विस छूट में है।
कोचिंग, ट्यूशन और क्लास: 18%
प्रतियोगी परीक्षाओं की प्राइवेट कोचिंग, ट्यूशन क्लास, और शौक की क्लास (म्यूज़िक, डांस, ऐसे कंप्यूटर कोर्स जो कानून से मान्य योग्यता नहीं देते) 18% पर टैक्स में हैं (SAC 9992)।
- कोचिंग सेंटर का साल का टर्नओवर ₹20 लाख (कुछ स्पेशल कैटेगरी राज्यों में ₹10 लाख) पार होते ही GST रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है।
- उससे कम, और रजिस्टर्ड नहीं: कोई GST नहीं लिया जा सकता। "GST रजिस्टर्ड नहीं" चुनें।
- रजिस्टर्ड: 18% चुनें। आपकी फ़ीस चार्ट में GST पहले से हो तो "फ़ीस में GST शामिल है" टिक करें; रसीद फ़ीस के अंदर का GST दिखाएगी।
उदाहरण
रजिस्टर्ड कोचिंग सेंटर GST सहित ₹11,800 महीना लेता है। टैक्सेबल वैल्यू ₹10,000, GST ₹1,800 (₹900 CGST + ₹900 SGST)। अगर फ़ीस चार्ट में ₹10,000 और GST अलग लिखा है, तो "फ़ीस में GST शामिल है" का टिक हटाएं: दोनों तरह से माता-पिता ₹11,800 ही देते हैं।